नाना के श्राद्ध से लौट रहा था पूरा परिवार, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काल बनकर आई रफ्तार; सिवान के 5 की दर्दनाक मौत
Horrific Accident on Purvanchal Expressway
Horrific Accident on Purvanchal Expressway: उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर शनिवार शाम को हुए भीषण सड़क हादसे में बिहार के सीवान का पूरा परिवार खत्म हो गया। कंटेनर में पीछे से घुसी कार में सवार पति, पत्नी और बेटियों समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई। मृतक परिवार सिसवन थाना क्षेत्र के ग्यासपुर गांव का रहने वाला था। सभी श्राद्ध कर्म में शामिल होने गांव आए थे, इसके बाद हरियाणा के फरीदाबाद लौट रहे थे। तभी दर्दनाक सड़क हादसे में उनकी जान चली गई। हादसा इतना भयावह था कि कार पूरी तरह कबाड़ बन गई।
हादसे ने गांव के लोगों को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। जिस किसी ने भी घटना के बारे में सुना, उसकी आंखें नम हो गईं। गांव में हर तरफ सिर्फ इसी घटना की चर्चा होती रही। मृतकों में ग्यासपुर निवासी प्रेमलाल श्रीवास्तव के पुत्र मनीष कुमार श्रीवास्तव, मनीष की पत्नी कंचन देवी, बेटी आस्था कुमारी एवं अदिति कुमारी और एक ड्राइवर शामिल है।
बताया जा रहा है कि मनीष अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में रहते थे। कुछ दिन पहले वे अपने ननिहाल, एकमा थाना क्षेत्र के एक गांव में आयोजित श्राद्ध कर्म में शामिल होने आए थे। पारिवारिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पूरा परिवार स्विफ्ट डिजायर कार से वापस फरीदाबाद लौट रहा था।
आजमगढ़ के पास हुआ एक्सीडेंट
इसी दौरान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उनकी कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और गांव में कोहराम मच गया।
गांव के लोगों का कहना है कि मनीष बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। वे जब भी गांव आते थे, सबसे आत्मीयता से मिलते थे। उनकी दोनों बेटियां भी गांव के लोगों की आंखों का तारा थीं। एक साथ पूरे परिवार के खत्म हो जाने की खबर ने हर किसी को अंदर तक तोड़ दिया है।
बेटे-बहू और पोतियों को खोने के बाद पिता टूटे
ग्यासपुर गांव में मृतकों के घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही। महिलाएं दहाड़ मारकर रोती रहीं, जबकि बुजुर्गों की आंखें भी नम थीं। सबसे अधिक दुखद स्थिति मनीष के पिता प्रेमलाल श्रीवास्तव की है, जो गांव में अकेले रहते हैं। जवान बेटे, बहू और पोतियों को खो देने के बाद वे पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्हें सांत्वना देने पहुंचे लोगों के पास भी शब्द नहीं थे।
इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी की यात्राओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को याद दिला दिया है। गांव में हर तरफ शोक का माहौल है और लोग ईश्वर से मृत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।